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हिंदी मीडियम से पढ़े Paytm मालिक विजय शेखर शर्मा के संघर्ष की कहानी

हमारे देश में ऐसा माना जाता है की कामयाब होना है तो इंग्लिश मिडियम स्कूल में पढ़ना जरुरी है इसी सोच के कारण बहुत सारे माता -पिता अपने बच्चो का इंग्लिश मिडियम स्कूलों में दाखिला करवाते हैं लेकिन आज हम एक ऐसे इंसान की कहानी बताएँगे जिसने हिंदी मीडियम से पढ़कर अरबों की कम्पनी खड़ी कर दी।

उत्तरप्रदेश के छोटे से गाँव का रहने वाला यह युवा अरबपति आज लोगो के लिए प्रेरणा का श्रोत है।एक समय ऐसा भी था जब इस शख्स के पास एक वक्त के खाने के पैसे भी जेब में नहीं थे लेकिन इन्होने हिम्मत नहीं हारते हुए कठिनाइयों का डटकर मुकाबला किया। 24% की सालाना ब्याज दर (आम भाषा में 2 रूपये सैकड़ा ) से पैसे उधार लेकर अपने कारोबार को एक अलग ऊंचाई पर पहुंचाया।

कौन हैं ये शख्स और कैसे इन्होंने अरबों रूपये का कारोबार खड़ा किया :

विजय शेखर शर्मा आज भारतीय उद्योग जगत के सबसे जाने-माने चेहरों में से एक हैं। उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ जिले के एक छोटे से गांव विजयगढ़ में जन्में विजय बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थे।

विजय की प्रारम्भिक शिक्षा विजयगढ़ के एक साधारण से हिंदी मीडियम स्कूल में हुई। विजय हमेशा अपनी क्लास में फर्स्ट आते थे। वो पढने में मेधावी थे और अपने इसी कौशल के दम पर पर उन्होंने क्लास 12th की परीक्षा महज 14 वर्षों में ही उत्तीर्ण कर ली।

Paytm-CEO-Vijay-Shekhar

मात्र 15 साल की उम्र में उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग में पढाई शुरू कर दी.  यूपी बोर्ड के  हिन्दी माध्यम से पढ़े विजय को अंग्रेजी से पढाई में बड़ी दिक्कत आई.लेकिन अपनी इस कमजोरी से उन्होंने कभी अपना आत्मबल कमजोर नहीं होने दिया।

कैसे शुरू किया बिजनेस  :

विजय एक मिडिल क्‍लास परिवार के थे, वह पैसे की अहमियत जानते थे, जब वह पढाई कर रहे थे तभी वो भी पढ़ाई के दौरान ही अपने एक दोस्त के साथ मिलकर एक कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम इंडियासाईट डॉट नेट बनाया जिसमे इन्वेस्टर्स ने पैसा लगाया था. दो साल बाद इसको बेचने से मिले 1 मिलियन डॉलर से विजय ने One97  नाम से मोबाइल वैल्यू एडेड सर्विस देने वाली कंपनी खोली जो मोबाइल के लिए तरह तरह के कंटेंट जैसे एग्जाम रिजल्ट्स, रिंगटोन्स, समाचार, क्रिकेट स्कोर, जोक्स प्रदान करती है.

धीरे-धीरे कंपनी बड़ी होती चली गई और हच, एयरटेल जैसी बड़ी टेलिकॉम कंपनी के साथ करार करने में सफल रही। लेकिन अमेरिका की 9/11 त्रासदी का असर मार्केट पर इस कदर पड़ा कि रातोंरात बहुत सारे बिज़नस तबाह हुए और One97  भी इसका शिकार हुआ।और परिणाम स्वरुप विजय एक तरह से दिवालिया हो गए।

 कैसे विजय ने हार न मानते हुए 24% की सालाना ब्याज दर पर पैसे लोन लेकर कंपनी को फिर से खड़ा किया :

विजय के पैसे खत्म हो चुके थे और उन्हें अपने निजी जीवन में भी कई सुविधाओं का त्याग करना पड़ा. विजय कार छोड़कर बस-ऑटो से सफर करने लगे पर अपनी हिम्मत नहीं हारी क्योंकि जीतने का राज़ हिम्मत न हारना ही है. अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से 24% की सालाना ब्याज दर से पैसे लेकर अपने स्टाफ, कर्मचारियों को सैलरी दी।

घर का किराया नहीं दे पाने की स्थिति में विजय काफी लेट रात घर जाते और एकदम सुबह ही निकल लेते ताकि मकान-मालिक से उनकी मुलाकात न हो सके। तंगी के इस दौर में उन्होंने बतौर कंसलटेंट एक जगह नौकरी भी करनी शुरू कर दी।

कैसे शुरू की वो कंपनी जिसने उन्हें भारत का सबसे अमीर युवा बना दिया :

विजय शेखर शर्मा समय की नब्ज पकड़ने में माहिर खिलाड़ी थे| उस समय बाजार में स्मार्टफोन बहुत तेजी से पॉपुलर हो रहे थे उन्होंने इस क्षेत्र में एक बड़ा अवसर देखा और अपनी पुरानी कंपनी One97 के ही अंतर्गत पेटीएम डॉट कॉम नाम की वेबसाइट खोली और ऑनलाइन मोबाइल रिचार्ज सुविधा शुरू की।

vijay shekhar sharma

 

विजय ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक अपने कारोबार का विस्तार करते हुए ऑनलाइन वॉलेट, मोबाइल रिचार्ज, बिल पेमेंट, बस व हवाई जहाज बुकिंग, मनी ट्रान्सफर और ऑनलाइन ख़रीददारी जैसी सारी सुविधाओं को इसमें जोड़ दिया।

हाल ही में ‘फोर्ब्स’ द्वारा दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में विजय शेखर शर्मा अपनी कुल 11 हजार करोड़ की पूंजी के साथ भारत के सबसे युवा अरबपति हैं।

विजय शेखर शर्मा की जिंदगी एक प्रेरणा का श्रोत है । उन्होंने जिंदगी में सब कुछ अपनी मेहनत और लगन से हासिल किया है। करोड़ों की कंपनी उन्हें विरासत में नहीं मिली थी। इस कंपनी का एक-एक पैसा उनके संघर्ष की कहानी बयां करता है।

IndiaDekho टीम विजय शेखर शर्मा के इस संघर्ष तथा कभी हार ना मानने वाले जज्बे को सलाम करती हैं।

आपको यह कहानी कैसी लगी हमे कमेंट में जरूर बतायें

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