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पापा के दुर्व्यवहार से पीड़ित लड़की ने पेश की सफलता की नयी मिसाल

आज के समय हमारे पास सही राह और गलत राह दोनों चुनने के अवसर होतें हैं और ज्यादातर लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं लेकिन कुछ इंसान ऐसे भी होते हैं जिनके पास गलत रास्ते चुनने के हज़ारो कारण होते हुये भी वे सही रास्ता चुनते हैं और अक्सर ऐसे लोग समाज के लिए एक मिशाल बन जाते हैं हमारी आज की कहानी भी ऐसी ही लड़की की हैं जिससे तमाम मुसीबतों से लड़कर एक नयी मिशाल पेश की हैं।

हमारे समाज में एक धारणा है की एक सेक्स वर्कर की बेटी बड़ी होकर सेक्स वर्कर ही बनेगी लेकिन आज हम जिसकी कहानी बताने जा रहें हैं उसका जन्म भले ही एक रेडलाइट एरिया में हुवा हो लेकिन आज वो लाखों लोगो के लिए प्रेरणा का श्रोत है। हम बात कर रहे हैं देश के दूसरे सबसे बड़े रेडलाइट एरिया मुंबई के कमाठीपुरा में पैदा हुई शीतल जैन के बारे में।

sheetal jain indiadekho

कौन है शीतल जैन :

देश के दूसरे सबसे बड़े रेडलाइट एरिया मुंबई के कमाठीपुरा में पैदा हुई शीतल जैन पेशे से एक ड्रमर है रेडलाइट एरिया में पैदा होने के कारण सब लोग उसको देह व्यापर की ही सलाह देते थे लेकिन शीतल को यह सब पसंद नहीं था उसकी रूचि तो ड्रम बजने में थी।
शीतल के इस सपने को क्रांति नामक संस्था का साथ मिला और उनके मदद से वह ड्रम बजाने की ट्रेनिंग लेने के लिए अमेरिका भी जा चुकी है। वहां उसने लिवाइन स्कूल ऑफ म्यूजिक में ड्रम बजाने की ट्रेनिंग ली है। वह एक एनजीओ में बच्चों को भी पढ़ाती है।

सौतेले पिता ने किया था दुर्व्यवहार , माँ ने घर से निकाला :

शीतल को आज भी 7 साल की उम्र के तमाम किस्से याद हैं जहाँ वो सुबह सोकर उठती थी तो खुद को नग्नावस्था में पाती थी।

“एक दिन सोते हुए अचानक मैंने अपने पिता का हाथ अपने प्राइवेट हिस्सों पर महसूस किया. मैं गहरी नींद में होने का नाटक कर रही थी लेकिन मुझे अत्यधिक कष्ट हो रहा था। मैंने सोचा पापा हैं, प्यार कर रहे होंगे“, वह रोते हुए कहती हैं। उनके पिता ने उसके बाद उन्हें कपड़े पहन लेने को कहा। तब उन्हें एहसास हुआ कि सबकुछ ठीक नहीं है और उसके बाद वो अपने पिता से एक दूरी रखने लगी। ”

शीतल की माँ कुछ समय के पश्चात दिमागी रूप से अस्थिर हो गयी और उन्होंने शीतल को घर से निकाल दिया। लेकिन मुसीबत की इस घडी में उनको मुंबई में सेक्स–वर्कर्स के बच्चों के लिए काम करने वाली एक संस्था क्रांति का भरपूर साथ मिला।

अब क्या कर रही है शीतल जैन :

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क्रांति संस्था की मदद से अमेरिका से म्यूजिक सिखने के बाद वह भारत लौट आयी और “ताल इंक कंपनी‘ से एक सर्किल फेसिलिटेटर के रूप में जुड़ गयी। वो कई शो करने यूके भी जा चुकी हैं।

शीतल अभी बैंगलोर के, ‘मेक अ डिफरेंस‘ एनजीओ के साथ काम कर रही हैं। शीतल जल्द ही अपने जैसे बच्चों को एक नई जिंदगी देने के लिए रेड लाइट एरिया में ही एक म्यूजिक क्लास शुरु करने वाली हैं।

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