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शहर की नकली अमीरी और गाँव में फर्क दिखाने वाली ये कहानी हर गाँव वाला पढ़े

अपना गाँव, वाह क्या बात है।
एक अमीर आदमी अपने बेटे
को लेकर गाँव गया,
ये दिखाने कि what is गरीबी
गाँव की गरीबी दिखाने के
बाद बेटे से पूछा
“देखा गरीबी..??”

बेटे ने जवाब दिया : हमारे
पास 1🐈 dog ………..
उनके पास 10- 10 गाये है
.
हमारे पास नहाने का छोटा
सा जगह है
..
उनके पास. तालाब है
.
.
हमारे पास small piece of जमींन……
उनके पास बडे बडे खेत
.
हम खाना डिब्बे का बासी
खाते है….
वो उगा कर और ताजा
तोडकर खाते है.
.
उनके पास अपने सच्चे मित्र है……
बस कंप्यूटर ही हमारा मित्र है
.
हमारे पास खुशियाँ खरीदने को पैसा है……
उनके पास खुशियाँ है पैसे की जरुरत ही नही
उनके पापा के पास  बेटे के लिऐ समय है….
पापा आपके पास समय ……नही है।
पापा एकदम चुप
.
बेटे ने कहाँ ”Thanks पापा
for showing me कि हम
कितने गरीब है ।
.
गांव को पसंद करने वाले आगे फारवर्ड करे।
हम भारतीयों की बराबरी क्या करेगी दुनिया
.
.
डालर के भाव के बराबर के
“”टमाटर””का तो
हम तड़का लगाते हैं
Plz शेयर जरूर कर दीजियेगा

गाँव का जीवन (village life in hindi)

गाँव का जीवन बिलकुल साधारण और सीधा होता है। गाँव में किसी प्रकार की भीड़ या जल्दबाजी नहीं होती है। चारों और शान्ति रहती है।

गाँव में लोग सीधे तौर पर प्रकृति से जुड़े होते हैं। यहाँ लोगों का ज्यादातर समय अपने खेतों और घरवालों के साथ बीतता है।

गाँव में लोग बड़ी मात्रा में भक्ति आदि से जुड़े होते हैं। यहाँ के लोग हर त्यौहार आदि को पुरे हर्ष-उल्लास के साथ मनाते हैं।

यदि साधारण जरूरतों की बात करें, तो गाँव के लोगों को शुद्ध वायु मिलती है। इसके अलावा यहाँ के लोगों को साफ़ पानी और शुद्ध भोजन और सब्जियां मिलती हैं।

गाँव के लोग अपने हाथ से खेतों में सब्जियां और फल उगाकर खाते हैं।

गर्व से कहो की आप गाँव से हो
आपको यह story कैसा लगा. हमे कमेंट कर के बताये. अगर अच्छा लगा तो जरुर फ्रेंड्स share करें.


यह कहानी आप सब लोगो को कैसी लगी कमेंट बॉक्स में जाकर जरूर बताये |

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